काव्यानाम्
Sunday, June 30, 2013
मुराद
यह कविता एक प्रेमी की मनोव्यथा दर्शाती है... आज उस ने ठान लिया है वो अपने प्यार को ले ही जायेगा... उस सोच को मैंने इन् पंक्तियों में ढाला है..
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